भारत में UPI पेमेंट को लेकर एक बड़ा बदलाव आने की तैयारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ,नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशनल ऑफ़ इंडिया (NPCI)ऐसा सिस्टम तैयार कर रहा है जिसमे AI एजेंट यूजर की तरफ से छोटे UPI पेमेंट कर सकेंगे।
क्या है AI वाला UPI पेमेंट ?
अभी जब भी हम UPI से पेमेंट करते है,तो हर ट्रांजक्शन को खुद अप्रूव करना पड़ता है। नए Agentic Payments सिस्टम में यूजर पहले से AI को कुछ नियम और खर्च की सीमा तय कर सकता है। इसके बाद AI उन नियमो के आधार पर छोटे और नियमित पेमेंट खुद कर सकता है।
कैसे काम करेगा ?
मान लीजिए आपने AI एजेंट को निर्देश दिया कि हर हफ्ते 1,000 तक का किराने का सामान खरीद सकता है। ऐसी स्तिथि में AI जरुरत के मुताबिक सामान ऑर्डर करके तय सीमा के अंदर UPI पेमेंट कर सकता है।
इसके लिए खर्च की सीमा ,नियम ,पहचान की जांच और ट्रांजक्शन का रिकॉर्ड जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएँ शामिल लिए जाने की सामने आई है।
शुरुआत छोटे पेमेंट से हो सकती है
रिपोर्ट्स के अनुसार शुरुआत में किराना ,ई-कॉमर्स और दूसरे छोटे एवं बार-बार होने वाले पेमेंट जैसे कामों पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। भविष्य में AI एजेंट डिस्काउंट देखकर सामान खरीदने जैसे ज्यादा जटिल काम भी कर सकते है।
क्या अभी से AI UPI पेमेंट कर रहा है ?
नहीं। फिलहाल इसे आने वाले प्रस्ताविक सिस्टम समझना चाहिए। रिपोर्ट्स के मुताबित NPCI के UNIFIED AGENT PROTOCOL पर काम चल रहा है और इसे GLOBAL FINTECH FEST में पेश किए जाने की संभावना बताई गई है।
आम यूजर्स को क्या फायदा होगा ?
अगर यह सिस्टम सुरक्षित तरीके से लागू होता है ,तो बार-बार होने वाले पेमेंट में यूजर्स का समय बच सकता है। AI आपके तय किय हुए बजट और नियमों के अनुसार पेमेंट कर सकेगा। हालांकि ,सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होगी। गलत पेमेंट ,धोखाधड़ी और AI द्वारा गलत फैसला लेने की स्तिथि में जिम्मेदारी किसकी होगी ,जैसे सवालों पर भी स्पष्ट नियम जरुरी होंगे।
निष्कर्ष
UPI अब सिर्फ इंसानों द्वारा किए जाने वाले पेमेंट तक सीमित नहीं रह सकता है। AI एजेंट के जरिए पेमेंट डिजिटल ट्रांजैक्शन की अगली बड़ी दिशा बन सकता है। लेकिन यह सुविधा कब और किस रूप में आम यूजर्स के लिए उपलब्ध होगी ,इसकी आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा।
